<p style="text-align: justify;"><strong>FSSAI: </strong>गर्मियां आते ही मौसम आता है आम का, गर्मियों में आम खाना किसको पसंद नहीं लेकिन क्या आपको पता है कि जो फल और आम आप खा रहे हैं वो प्राकृतिक रूप से पकाया गया है या उसे पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया गया है,अगर आपको पता चले कि फल केमिकल से पकाया गया है तो भला ऐसे में कोई उन फलों को खाना चाहेगा, इसी के चलते FSSAI ने केमिकल्स से फलों को पकाने पर प्रतिबंध लगाया है, आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से.</p> <h3 style="text-align: justify;">क्या है FSSAI का निर्देश?</h3> <p style="text-align: justify;">दरअसल भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) ने 16 अप्रैल को एक नोटिस जारी किया है जिसमें उसने फलों को पकाए जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक केमिकल्स जैसे कैल्शियम कार्बाइड और एथिलीन के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए कड़ी सख्ती बरतने को कहा है, FSSAI के मुताबिक ये केमिकल्स जानलेवा हैं और इनका इस्तेमाल किसी प्रकार से भी डायरेक्ट खाद्य पदार्थों के साथ नहीं होना चाहिए.</p> <h3 style="text-align: justify;">बाजारों और गोदामों में होगी छापेमारी</h3> <p style="text-align: justify;">FSSAI ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में सख्ती बरतें और बड़ी मंडी और स्टोरेज पर अपनी नजर रखें, मौसमी फल जैसे आम के गोदामों में जाकर कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल की जांच करें और कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल पाए जाने पर FSS Act की धारा 59 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए, एसीटिलीन के इस्तेमाल की जांच करने के लिए टेस्टिंग पेपर के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/gk/strange-nepal-tradition-brothers-marry-one-woman-fraternal-polyandry-humla-nyinba-community-explained-history-culture-3117543">बेहद अजीब है इस देश की परंपरा, आज भी यहां एक ही महिला से ब्याहे जाते हैं सब भाई</a></strong></p> <h3 style="text-align: justify;">क्यों होता है फलों में केमिकल का इस्तेमाल?</h3> <p style="text-align: justify;">अब आपके मन में भी यह आता होगा कि आखिर इन फलों को पकाने में इन केमिकल्स का इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इन फलों को प्राकृतिक रूप से क्यों नहीं पकाया जा सकता. इसके पीछे कई कारण हैं जैसे फलों को बाजार तक पहुंचने में और स्टोरेज में रखे रहने में काफी ज्यादा समय लगता है, इतने समय में प्राकृतिक रूप से पके हुए फल खराब हो सकते हैं इसलिए इन फलों को कच्चा ही एक जगह से दूसरी जगह लेके जाया जाता है और स्थान पर पहुंचाके उन्हें केमिकल्स से पकाया जाता है, दूसरा कारण है प्राकृतिक रूप से पकने में काफी ज्यादा समय लगता है जबकि कैल्शियम कार्बाइड जैसा केमिकल फलों को काफी कम समय में पका देता है.</p> <h3 style="text-align: justify;">कैसे करें केमिकल्स से पके फलों की पहचान?</h3> <p style="text-align: justify;">केमिकल्स से पके फलों की पहचान करना काफी आसान है, <a title="मौसम" href="https://ift.tt/4oc1Lz9" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a>ी फल जैसे आम की पहचान उसके रंग और स्वाद से की जा सकती है, केमिकल से पकाये जाने पर आम बाहर से बिल्कुल पका हुआ दिख सकता है लेकिन अंदर से वह कच्चा और कच्चेपन से थोड़ा खट्टा हो सकता है, साथ ही, केमिकल से पके फलों को खाने पर गले में हल्की जलन या अजीब सा स्वाद महसूस हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/gk/which-countries-have-no-toll-tax-on-roads-check-the-full-list-here-3117579">इन देशों में नहीं लगता कोई टोल टैक्स, जान लिजिए पूरी लिस्ट</a></strong></p>
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