<p style="text-align: justify;">हम सभी को बचपन से यही सिखाया जाता है कि दिन भर में खूब पानी पीना चाहिए. डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना 7 से 8 गिलास पानी जरूरी है. पानी पीने से शरीर डिहाइड्रेशन से बचता है, टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और किडनी सही से काम करती है, लेकिन कई लोगों की एक आम शिकायत होती है जैसे ही पानी पीते हैं, तुरंत यूरिन लगने लगती है. कुछ लोगों को तो हर 10–15 मिनट में वॉशरूम जाना पड़ता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सामान्य है या फिर किसी बीमारी का संकेत है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आइए आज हम आपको बताते हैं कि हर घूंट पानी के बाद यूरिन क्यों आता है, इसके पीछे शरीर का क्या साइंस है और इससे कैसे बचा जा सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पानी पीने के बाद बार-बार यूरिन आने का क्या कारण है?</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1. ओवर एक्टिव ब्लैडर (Overactive Bladder) -</strong> यह बार-बार यूरिन आने की सबसे आम वजह मानी जाती है. इस स्थिति में ब्लैडर की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं. ब्लैडर पूरा भरा न होने पर भी दिमाग को बार-बार यूरिन का सिग्नल भेजता है, जिससे अचानक और तेज यूरिन की इच्छा होती है. इसी कारण थोड़ी-सी मात्रा में पानी पीते ही वॉशरूम भागना पड़ता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>2. मूत्र मार्ग में संक्रमण (UTI) -</strong> अगर यूरिन करते समय जलन, दर्द, बदबू या बार-बार यूरिन लगे तो यह यूटीआई का संकेत हो सकता है. इसमें ब्लैडर ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>3. ज्यादा चाय, कॉफी या शराब का सेवन -</strong> चाय, कॉफी और शराब में कैफीन होता है, जो यूरिन बढ़ाने का काम करता है, ब्लैडर में जलन पैदा करता है, जिससे बार-बार यूरिन की इच्छा होती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>4. शुगर (डायबिटीज) का कंट्रोल में न होना -</strong> अगर ब्लड शुगर लेवल ज्यादा रहता है तो शरीर अतिरिक्त शुगर को यूरिन के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है, जिससे यूरिन ज्यादा आता है साथ में प्यास भी ज्यादा लगती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>5. तनाव और चिंता -</strong> मानसिक तनाव या एंग्जायटी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है. नर्वस सिस्टम ब्लैडर को गलत सिग्नल भेजने लगता है, जिससे बार-बार यूरिन लगता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>बार-बार यूरिन आने से बचने के लिए क्या करें?</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1. पानी पीने का सही तरीका अपनाएं -</strong> एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पूरे दिन पानी पिएं. बहुत तेजी से पानी पीने से बचें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>2. कैफीन और फिजी ड्रिंक्स कम करें - </strong>चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक्स इनका सेवन कम करने से ब्लैडर को राहत मिलती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>3. बार-बार बाथरूम जाने की आदत न डालें -</strong> हर 10–15 मिनट में वॉशरूम जाने से ब्लैडर कमजोर हो सकता है. यूरिन रोकने की क्षमता कम हो जाती है. कोशिश करें कि तय समय के अंतराल में ही बाथरूम जाएं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>4. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करें -</strong> पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (जैसे केगल एक्सरसाइज), ब्लैडर की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं, यूरिन को कंट्रोल करने में मदद करती हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>5. जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें -</strong> अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे. जलन या दर्द हो या नींद में बार-बार यूरिन आए तो डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें -</strong> <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/common-symptoms-at-the-end-of-life-12-signs-before-death-how-patient-counts-their-last-breaths-3085885">ये हैं मौत से पहले के 12 संकेत जिन्हें देखकर डॉक्टर भी कर देते हैं हाथ खड़े, जानिए कैसे आखिरी सांसे गिनता है मरीज</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
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