<p style="text-align: justify;"><strong>Sonia Gandhi Health Update:</strong> मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की सीनियर लीडर सोनिया गांधी को मंगलवार (6 जनवरी) को दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया. रिपोर्ट्स में बताया गया कि उनकी तबीयत फिलहाल ठीक है और एहतियातन उन्हें चेस्ट फिजिशियन की निगरानी में रखा गया है और यह भर्ती नियमित जांच का हिस्सा है. सोनिया गांधी को लंबे समय से पुरानी खांसी की समस्या रहती है और दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण वह समय-समय पर जांच के लिए अस्पताल आती रहती हैं. उन्हें सोमवार शाम अस्पताल में भर्ती किया गया था. चलिए आपको बताते हैं कि उनको हेल्थ की क्या दिक्कत है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोनिया गांधी की तबीयत कब-कब बिगड़ी?</strong></p> <p style="text-align: justify;">बीते कुछ वर्षों में सोनिया गांधी को कई बार स्वास्थ्य संबंधी इश्यू से अस्पताल जाना पड़ा है. कुछ महीने पहले उन्हें पेट से जुड़ी परेशानी के चलते इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. फरवरी में हुई उस भर्ती के दौरान वह एक दिन तक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एक्सपर्ट की देखरेख में रहीं. इससे पहले 19 जून को भी सोनिया गांधी को पेट की बीमारी के इलाज के बाद सर गंगा राम अस्पताल से छुट्टी दी गई थी. उनको 15 जून को पेट में इंफेक्शन से जुड़ी शिकायतों के बाद भर्ती किया गया था और करीब चार दिन तक उनकी हालत पर लगातार नजर रखी गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रूटीन चेकअप </strong></p> <p style="text-align: justify;">7 जून को भी सोनिया गांधी हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पहुंची थीं. वहां उन्हें मामूली स्वास्थ्य समस्याओं के चलते रूटीन चेकअप के लिए लाया गया था. इसकी जानकारी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने दी थी. इसके अलावा सितंबर 2022 में सोनिया गांधी एक लंबित मेडिकल चेकअप के लिए अमेरिका गई थीं. उस दौरान उनके साथ उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली में प्रदूषण</strong></p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली के हवा में इस समय खतरनाक प्रदूषण भरा है. एयर क्वालिटी इंडेक्स कई जगहों पर काफी खराब है. हालांकि, पहले से कुछ सुधार हुआ है,लेकिन अभी भी स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है. ऐसे में जिन लोगों को पहले भी किसी तरह की दिक्कत है, इससे यह दिक्कत बढ़ जाता है. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सांस के साथ सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं. ये कण सांस लेने वाले वेसल्स में सूजन पैदा करते हैं, जिससे पहले से खांसी वाले मरीजों में खांसी ज्यादा तेज, लगातार और सूखी हो जाती है. जिन लोगों को पहले से खांसी, अस्थमा या एलर्जी है, उनके लिए यह काफी नुकसानदायक होता है और उन्हें समय रहते सावधानी और इलाज दोनों की जरूरत होती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/driving-with-loud-music-accident-risk-explained-in-hindi-3068157">ड्राइविंग के दौरान तेज संगीत सुनना कितना खतरनाक, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?</a></strong></p>
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