<div id="m#msg-a:r-6420139732752254582" class="mail-message expanded"> <div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images "> <div class="clear"> <div dir="auto"> <div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>Office Workload Side Effects: </strong>नौकरी करने वालों को एक सर्वे रिपोर्ट ने आगाह किया है. इस रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी के दौरान काम का प्रेशर और वर्कलोड कर्मचारियों के लिए मानसिक रूप से परेशानी बन रहा है. काम करते समय ज्यादा स्ट्रेस (Stress) सेहत (Health) पर बुरा असर डाल रहा है. इससे एम्प्लाईज की वर्क एफिशिएंसी भी कम हो रही है. रिपोर्ट में बताया गया आंकड़ा हैरान करने वाला है. सर्वे में जितने लोगों ने पार्टिसिपेट किया, उनमें से 77 प्रतिशत का मानना है कि काम के दौरान होने वाले तनाव से उन्हें एंग्जाइटी (Anxiety) और डिप्रेशन (Depression) जैसी समस्याएं होने लगी है. जानें क्या है रिपोर्ट..</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>इन सेक्टर्स पर हुआ सर्वे</strong></div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">एचआर सोलूशन्स प्रोवाइड जीनियस कंसल्टेंट्स (HR Solutions Supplier Genius Consultants) ने 5 सितंबर से 15 अक्टूबर 2022 तक यह सर्वे किया. इसमें बैंकिंग, वित्त, निर्माण, इंजीनियरिंग, शिक्षा, एफएमसीजी, हॉस्पिटैलिटी, मानव संसाधन समाधान, आईटी, आईटीईएस और बीपीओ, लॉजिस्टिक और मैनुफैक्चरिंग जैसे सेक्टर के कर्मचारियों को शामिल किया गया.</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>क्या कहती है सर्वे रिपोर्ट</strong></div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;">यह सर्वे कुल 1,380 कर्मचारियों पर किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक 82 प्रतिशत पार्टिसिपेंट्स ने बताया कि इम्यूनोडिफिशिएंसी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और मस्कुलोस्केलेटल जैसी समस्याएं काम के तनाव के कारण ही हैं. इस रिपोर्ट में जो बात निकलकर आई वो ये कि 73 प्रतिशत कर्माचरियों ने यह भी माना कि अगर काम के दौरान एक छोटी सी झपकी मिल जाए तो तनाव थोड़ा बहुत ही सही दूर होता है. 18 प्रतिशत ऐसे लोग रहे जो पूरी तरह न्यूट्रल बने रहे, जबकि 9 प्रतिशत ने इस तरह की समस्याओं से इनकार किया. 68 प्रतिशत कर्मचारियों ने तो भी यह भी माना है कि अगर वर्किंग डे की संख्या को कम कर दिया जाए तो यह समस्या अपने आप ही हल हो जाएगी. </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a title="Diesel ब्रैंड की नई आउटफिट देख सोशल मीडिया यूजर्स ने उड़ाई खिल्ली, कहा- स्कर्ट है या बेल्ट" href="https://ift.tt/EIuh2Fz" target="_self">Diesel ब्रैंड की नई आउटफिट देख सोशल मीडिया यूजर्स ने उड़ाई खिल्ली, कहा- स्कर्ट है या बेल्ट</a></strong></div> </div> </div> </div> </div>
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