Meat Consumption: क्या एक उम्र के बाद नॉनवेज छोड़ना ठीक है, क्या है सच्चाई?

<p style="text-align: justify;">कई लोगों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ नॉनवेज खाना बंद कर देना चाहिए. खासकर 40 या 50 साल के बाद मांस, चिकन और मछली खाने को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं. लेकिन क्या वाकई एक उम्र के बाद नॉनवेज शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है? इसका जवाब है नहीं. सेहत पर इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह का मांस खाते हैं और कितनी मात्रा में खाते हैं. आइए समझते हैं इसकी सच्चाई.</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>उम्र बढ़ने पर कौन सा नॉनवेज नुकसान पहुंचाता है?</strong></h3> <p style="text-align: justify;">उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं. ऐसे में खानपान का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. खासकर मटन, बीफ और प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, बेकन का ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. इनमें सैचुरेटेड फैट और नमक की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. इसके अलावा रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का ज्यादा सेवन आंतों के कैंसर के बढ़ते जोखिम से भी जुड़ा है. वहीं, ज्यादा मात्रा में मांस खाने से कुछ लोगों में यूरिक एसिड की समस्या भी देखने को मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/treat-chickenpox-scars-on-face-3209272">Chickenpox Scars Care Tips: चिकन पॉक्स के दाग चेहरे से कैसे हटाएं, ये रहे घरेलू तरीके&nbsp;</a></strong></p> <h3 style="text-align: justify;">नॉनवेज कम करने या छोड़ने से क्या फायदे मिलते हैं?</h3> <p style="text-align: justify;">अ गर कोई व्यक्ति रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट खाना कम करता है और उसकी जगह फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज खाता है, तो सेहत को फायदा मिलता है. शाकाहारी भोजन में फाइबर अच्छी मात्रा में मिलता है, जो पाचन को बेहतर रखने और कब्ज से बचाने में मदद करता है. संतुलित शाकाहारी डाइट से वजन, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है. लेकिन सिर्फ नॉनवेज छोड़ देने से बीमारियां दूर नहीं होतीं. इसके लिए सही खानपान, रोजाना शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद भी जरूरी है.</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>नॉनवेज छोड़ रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान</strong></h3> <p style="text-align: justify;">अगर आप पूरी तरह मांसाहार छोड़ने का फैसला करते हैं, तो शरीर में प्रोटीन की कमी न होने दें. बढ़ती उम्र में मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन जरूरी होता है. इसके लिए खाने में दाल, दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, टोफू, राजमा और छोले शामिल करें.इसके अलावा विटामिन B12, आयरन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का भी ध्यान रखें. पूरी तरह शाकाहारी भोजन करने वालों में विटामिन B12 की कमी होने का खतरा रहता है. इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच और सप्लीमेंट लें. अगर आप नॉनवेज खाना जारी रखना चाहते हैं, तो मटन और प्रोसेस्ड मीट की जगह मछली या बिना त्वचा वाला चिकन सीमित मात्रा में खा सकते हैं. इन्हें कम तेल और सही तरीके से पकाकर खाना बेहतर है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>*Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें*</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/aiims-delhi-study-same-family-members-different-diseases-genetic-lifestyle-environment-research-india-health-3208800">AIIMS Research: एक ही परिवार में अलग-अलग सदस्यों को क्यों होती हैं अलग-अलग बीमारियां? एम्स करेगा स्टडी&nbsp;</a></strong></p>

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