बड़े काम के हैं पान के डंठल, घरेलू नुस्खों में ऐसे करें इस्तेमाल

<p style="text-align: justify;">पान का इस्तेमाल आमतौर पर पूजा-पाठ, पान बनाने और कुछ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता है. पान का पत्ता खाने के बाद अक्सर उसका डंठल फेंक दिया जाता है, लेकिन पारंपरिक तरीकों में इसे भी काम का माना जाता है. कुछ लोग पान के पत्ते और डंठल का इस्तेमाल पेट की परेशानी, मुंह की सफाई और सर्दी-खांसी जैसी दिक्कतों के लिए करते हैं. .</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>पाचन और गैस की परेशानी&nbsp;</strong></h3> <p style="text-align: justify;">पान के पत्तों के साथ इसके डंठल का इस्तेमाल भी कई पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है. माना जाता है कि पान के डंठल को अजवाइन या सौंफ के साथ पानी में उबालकर तैयार किया गया काढ़ा पाचन से जुड़ी परेशानियों को दूर करता है . खासकर पेट में भारीपन, गैस और अपच जैसी दिक्कतों के लिए लोग इस तरह के घरेलू नुस्खे अपनाते हैं. पर ध्यान रखें , हर व्यक्ति के शरीर पर इनका असर एक जैसा नहीं होता. इसलिए पेट की परेशानी लगातार बनी रहे तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना लें</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>दांतों और मसूड़ों परेशानी में कारगर</strong></h3> <p style="text-align: justify;">पान के पत्तों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से मुंह की सफाई और दांतों-मसूड़ों की देखभाल से जुड़े कुछ घरेलू उपायों में भी किया जाता है. पुराने समय में लोग पान के पत्तों को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करते थे. पान के डंठल को पीसकर उसमें थोड़ा नमक या सरसों का तेल मिलाकर दांतों और मसूड़ों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है &nbsp;दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना ब्रश करना, दांतों के बीच की सफाई करना और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है. अगर मसूड़ों से खून आता है, सूजन रहती है या दांत में दर्द होता है, तो घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय सही इलाज कराना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/puja-ghee-vs-edible-ghee-health-risks-difference-fsda-label-ban-not-for-human-consumption-3201419">पूजा घी और खाने वाले घी में क्या होता है अंतर? कैसे सेहत को पहुंचता है नुकसान </a></strong></p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>सर्दी-खांसी और कफ में पारंपरिक इस्तेमाल</strong></h3> <p style="text-align: justify;">पान के पत्तों का इस्तेमाल कुछ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में गले की परेशानी, खांसी और कफ के लिए भी किया जाता है कुछ लोग पान के पत्ते के रस को शहद के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने की परंपरा का जिक्र करते हैं. &nbsp; इससे खांसी या कफ ठीक होने की गारंटी नहीं होती. खांसी लंबे समय तक बनी रहे, सांस लेने में परेशानी हो, तेज बुखार आए या सीने में दर्द हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. खासकर बच्चों को पान के डंठल या उसका रस देने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/foot-pain-reasons-cause">सुबह उठते ही पैर के तलवे दर्द होते हैं? ये हो सकती है वजह</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> पान के डंठल का इस्तेमाल कुछ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में किया जाता है, लेकिन इसके फायदे अभी पूरी तरह साबित नहीं हैं. &nbsp;किसी भी परेशानी या ज्यादा समस्या में सुरक्षित इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लें.</p>

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