Neeraj Chopra Injury: नीरज चोपड़ा की 'गोल्डन' वापसी की राह में बैक इंजरी का रोड़ा, जानें कितना खतरनाक होता है यह?

<p style="text-align: justify;"><strong>How Back Injury Affects Javelin Throwers:</strong> भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज के लिए साल 2025 अब तक मुश्किलों भरा रहा है. वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद उन्हें पीठ से जुड़ी गंभीर चोट का सामना करना पड़ा, जिसके चलते फिलहाल उनका पूरा फोकस रिकवरी और रिहैबिलिटेशन पर है. एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, नीरज ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे सीजन की शुरुआत कब और कहां करेंगे।</p> <p style="text-align: justify;">एफआई के प्रवक्ता आदिल सुमरिवाला के अनुसार, नीरज इस वक्त ब्रेक पर हैं और चोट से उबरना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल सीजन ओपनर से ज्यादा जरूरी है कि खिलाड़ी पूरी तरह फिट हो.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैसे लगी बैक इंजरी?</strong></p> <p style="text-align: justify;">नीरज चोपड़ा ने खुद बताया था कि सितंबर में ट्रेनिंग के दौरान शॉट पुट थ्रो करते वक्त उनकी पीठ के बाईं ओर अचानक तेज झटका लगा. इसके बाद उन्हें चलने तक में दिक्कत होने लगी. जांच के लिए प्राग में एमआरआई कराई गई, जिसमें डिस्क से जुड़ी समस्या सामने आई. जैवलिन थ्रो जैसे हाई-इंटेंसिटी खेल में पीठ सिर्फ शरीर को सहारा नहीं देती, बल्कि सीधे प्रदर्शन को प्रभावित करती है. ऐसे में बैक इंजरी खिलाड़ी की ताकत, बैलेंस और थ्रो की स्पीड तीनों पर असर डाल सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डिस्क की समस्या क्या होती है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">डिस्क दरअसल रीढ़ की हड्डी की हड्डियों के बीच मौजूद कुशन जैसी स्ट्रचर होती है, जो झटकों को सहन करती है. जब इन पर ज्यादा दबाव पड़ता है या स्ट्रेस होता है, तो ये बाहर की ओर उभर सकती हैं, जिसे हर्निएटेड डिस्क कहा जाता है. मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, ऐसी स्थिति में नसों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे पीठ और पैरों में दर्द, सुन्नपन और कमजोरी महसूस हो सकती है. कई मामलों में यह दर्द साइटिका के रूप में पैरों तक फैलता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जल्द वापसी क्यों हो सकती है खतरनाक?</strong></p> <p style="text-align: justify;">हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि किसी भी गंभीर चोट के बाद मैदान में जल्दबाज़ी में वापसी करने से इंजरी दोबारा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. रिसर्च बताती है कि सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से तैयार हुए बिना वापसी करना भी नुकसानदायक हो सकता है. इसी वजह से नीरज चोपड़ा और एफआई दोनों कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. वे इस वक्त अपने कोच और जैवलिन लीजेंड जान जेलेजनी की देखरेख में रिहैब से गुजर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रिकवरी बहुत जरूरी</strong></p> <p style="text-align: justify;">स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैक इंजरी के मामलों में सही फिजियोथेरेपी, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्याप्त आराम बेहद जरूरी होता है. पूरी तरह फिट हुए बिना वापसी न सिर्फ करियर बल्कि लंबे समय की सेहत के लिए भी नुकसानदेह हो सकती है.</p> <div dir="ltr"><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/swami-avimukteshwaranand-saraswati-health-what-illness-affected-the-jyotirmath-shankaracharya-during-magh-mela-3078897">किस बीमारी की चपेट में हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, जानें तबीयत बिगड़ने की वजह?</a></strong></div> <div dir="ltr"> <p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p> </div>

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