<div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>Benefits Of Reverse Walking: </strong>शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे आसान एक्सरसाइज में हमेशा वॉकिंग यानी चलने को बेस्ट माना गया है. लोग तेज चलते हैं, धीमा टहलते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीछे की ओर चलना भी एक तरह की खास एक्सरसाइज है जो सेहत को कई तरह से फायदे करती है. इसे रिवर्स वॉकिंग (Reverse Walking)कहते हैं.रिवर्स वॉकिंग यानी आगे की तरफ कदम बढ़ाने की बजाय पीछे की तरफ कदम बढ़ाकर चलना. इसके ढेर सारे शारीरिक और मानसिक फायदे हैं. चलिए आज बात करते हैं कि रिवर्स वॉकिंग किस तरह आपके शरीर और व्यक्तित्व के लिए अच्छी हो सकती है. </div> <h3 dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>पैरों की मांसपेशियां होती हैं मजबूत </strong></h3> <div dir="auto" style="text-align: justify;">जिस तरह वॉकिंग से आपके पैर की मांसपेशियों को बल मिलता है, ठीक उसी तरह रिवर्स वॉकिंग से भी पैरों को फायदा मिलता है. आगे चलने की अपेक्षा रिवर्स वॉकिंग में पैर के पीछे की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होती है और इससे आपके पैर मजबूत होते हैं और उनका दर्द भी कम होने लगता है.</div> <h3 dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>पीठ दर्द में मिलता है आराम</strong></h3> <div dir="auto" style="text-align: justify;">रिवर्स वॉकिंग से पीठ के निचले हिस्से पर दबाव पड़ता है जिससे कमर दर्द खासकर हैमस्ट्रिंग वाले हिस्से में दर्द से आराम मिलता है. जो लोग पीठ दर्द से परेशान रहते हैं, डॉक्टरी सलाह के अनुसार उन्हें नियमित तौर पर कम से कम 15 मिनट रिवर्स वॉकिंग करने से पीठ दर्द से काफी आराम मिलेगा. </div> <h3 dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>माइंड का फोकस बढ़ाती है रिवर्स वॉकिंग</strong></h3> <div dir="auto" style="text-align: justify;">रिवर्स वॉकिंग शारीरिक सेहत के साथ साथ मानसिक सेहत में भी सुधार करती है. इससे दिमाग को सही जगह पर फोकस करने में मदद मिलती है. इसकी मदद से ना केवल फोकस बेहतर होता है बल्कि ये दिमाग को संतुलन और समन्वय बनाने के लिए प्रेरित करती है. अगर आप रिवर्स वॉकिंग करते हैं तो उस समय आपका दिमाग ज्यादा सतर्क होता है जिससे उसकी कार्यप्रणाली दुरुस्त होती है. इसे करने से हैप्पी हार्मोन रिलीज होते हैं जिससे मूड भी अच्छा होता है और दिमाग में तनाव पैदा करने वाली संवेदनाएं कंट्रोल होती हैं. </div> <h3 dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>घुटनों पर कम दबाव डालती है रिवर्स वॉकिंग</strong></h3> <div dir="auto" style="text-align: justify;">जिन लोगों के घुटनों में दर्द रहता है, वो लोग वॉकिंग करने से कतराते हैं. लेकिन रिवर्स वॉकिंग करने से घुटनों पर कम दवाब पड़ता है जिससे वो लोग भी इसे कर सकते हैं जो घुटने के दर्द से परेशान रहते हैं. जिनके घुटने में चोट लगी हो या दर्द हो, वो लोग रिवर्स वॉकिंग करें तो उनको फायदा होगा.</div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें </strong></div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"><strong><a title="वर्किंग महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है पीरियड्स में छुट्टी... एक्सपर्ट से जानें इसकी जरूरत" href="https://ift.tt/S0gQCN5" target="_self">वर्किंग महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है पीरियड्स में छुट्टी... एक्सपर्ट से जानें इसकी जरूरत</a></strong></div> <div dir="auto" style="text-align: justify;"> </div>
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