<p style="text-align: justify;"><strong>Cancer Treatment:</strong> कैंसर सेल्स के अनियिंत्रत रूप से बढ़ने के कारण होता है. यह बॉडी में कहीं भी हो सकता है. इसे सामान्य भाषा में गांठ कहा जाता है. गांठ दो तरह की होती हैं. एक कैंसर्स और दूसरी नॉन कैंसर्स. नॉन कैंसर्स गांठ से जीवन भर कोई खतरा नहीं रहता है. जबकि कैंसर्स के बढ़ने की स्टेज होती है. समय पर इलाज न मिलने पर Cancer जान तक ले लेती है. बॉडी में कहीं भी हो सकता है. आज हम ऐसे ही कैंसर की बात करने जा रहा है. जो कि आंतों में होता है. अगर समय पर इसकी पहचान न की जाए तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है. बड़ी आंत के कैंसर को आमतौर पर कोलोरेक्टल कैंसर के रूप में जाना जाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन स्थितियों में हो सकता है कैंसर</strong><br />आंतों के कैंसर होने के पीछे कई वजह हो सकती है. इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हैं. आमतौर पर ओल्ड ऐज फैक्टर एक बड़ा कारक है. अधिक वसायुक्त खाना, रेड मीट, कम फाइबर वाला भोजन खाना, प्रोसेस्ड मीट अधिक खाना, जेनेटिकली यानि परिवार में यदि किसी को पहले यह कैंसर होता रहा है तो संभावना अधिक है. यदि व्यक्ति पहले कैंसर से ठीक हो चुका है तो दोबारा सेल्स में ग्रोथ देखी जा सकती है. लंबे समय तक आंतों की कोई बीमारी रहना, स्मोकिंग और शराब का अधिक सेवन करना, डायबिटीज, मोटापा अधिक होना, हेरेडिटरी नॉनपोलिपोसिस कोलोरेक्टल कैंसर जिसे लिंच सिंड्रोम भी कहा जाता है, कोलन कैंसर और कुछ अन्य कैंसर होने के खतरे को बढ़ा देता है. कई बार 50 साल की उम्र में कैंसर हो जाता है. फैमिलियल एडिनोमेटस पॉलीपोसिस एक रेयर डिसीज हैं. इसमें बड़ी आंत में हजारों पॉलिप्स बन जाते हैं. इससे 40 वर्ष की उम्र से पहले ही कैंसर होने का खतरा रहता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>Cancer Symptoms को जरूर पहचानिए</strong><br />आमतोर पर अन्य कैंसर की तरह आंतों का कैंसर भी शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाता है. कैंसर की स्टेज बढ़ने के साथ लक्षण दिखने शुरू हो जातेे हैं. लक्षणों की बात करें तो शौच करने का रूटीन चेंज होना, लूज मोशन होना, कब्ज बढ़ना, पेट का ढंग से साफ नहीं होना, भूख न लगना, लगातार कमजोरी और थकान रहना, वजन का तेजी से कम होना, एनीमिक होना, पेट में तेज दर्द या बैचेनी रहना, शौच में लाल या काले रंग के ब्लड के स्पॉट आना आंतों के कैंसर के लक्षण हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>तुरंत इलाज कराइए</strong><br />कोलोरेक्टल कैंसर के यदि कोई लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत इसका इलाज कराने की जरूरत है. डॉक्टर शौच को जांच के लिए भेज देता है या बायोप्सी करने की सलाह दी जाती हैं. डॉक्टर कैंसर वाले हिस्से की आंत को काटकर शेष हिस्से को जोड़ देते हैं. एडवांस स्टेज में कैंसर हो जाए तो खतरा अधिक रहता है. इसलिए लक्षणों की पहचान जल्दी करना जरूरी है.</p> <p> </p> <p><strong>यह भी पढ़ें- <a title="क्या है INSL3 हार्माेन.... जो पुरुषों में बीमारियों की भविष्यवाणी करता है" href="https://ift.tt/wfcjB3x" target="_blank" rel="noopener">क्या है INSL3 हार्माेन.... जो पुरुषों में बीमारियों की भविष्यवाणी करता है</a></strong></p>
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